बाबा रामदेव का क्यों बना मजाक?
लेकिन वे सुर्खियां यह कहकर बटोरते रहे कि वे पुरस्कार ग्रहण नहीं करेंगे। कमाल हैं बाबा रामदेव। एक सन्यासी को भला प्रचार की क्या जरूरत?
रामदेव ने राजनाथ सिंह को खत लिखकर कहा था कि वे पद्म पुरस्कार ग्रहण नहीं करेंगे। लेकिन गृहमंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी की मानें तो रामदेव के बारे में कभी विचार ही नहीं हुआ। उन्हें किसी सूची में भी शार्टलिस्ट नहीं किया गया।
कहना गलत न होगा कि बाबा ने महज मीडिया रिपोर्टों को आधार मानकर अपना मजाक बनवा डाला। वैसे बाबा साल में दो या तीन दफा ऐसा काम करते हैं जब वे चर्चा में रहते हैं।
सोशल साइटों पर बाबा ट्रेंड कर रहे हैं और उनकी खिल्ली किस तरह उड़ रही है यह देखना उनके समर्थकों के लिये अधिक हैरानी वाला हो सकता है।
-इंडिया वाइन भारत.

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